एक दूसरे के लिए जीना ।

मैंने नहीं देखा है कभी पापा को
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए

और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए

लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए

और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है .!

पर्स का वजन 😁

लड़कियां पहले तौलती है,
पर्स के वजन को,
फिर उसकी तुलना करती है,
उसके व्यक्तित्व से।
औऱ फिर इसी पर्स और व्यक्त्वि के उधेड़बुन में उलझ कर,
अंत मे बस उसके हाथ लगता है तो
एक जेठालाल जैसा व्यक्ति,
जो अपनी पत्नी से प्रेम तो करता है
पर ख़्वाब बबीता के भी देख लेता है।
😉😉

और वो कहती है।

वो सुनती है कि नहीं ये अलग बात है
हम हॉर्न बजा कर गुजरते हैं
उस के घर के सामने से ।

       और फिर कहती है तुम तो मुझे देखते ही नहीं। 
           #Dedicated