ससुराल से मायका

ससुराल से मायका

रौनक थी जिनसे जिन्दगी में वो सब खो गई
शादी करके पिया जी तो मिले पर सहेलियाँ खो गई

जिम्मेदारियां बढ़ गई,नादान से समझदार हो गई,
बचपन की यादें, सखियों संग बातें , किशोरीपन की सारी चंचलता खो गई

नया घर, नए लोग नई दुनिया मिल गई
माँ का प्यार, पिता का दुलार, भाई की शरारते खो गई

घर गृहस्थी में जिन्दगी सुबह से शाम व्यस्त हो गई
वो हर बात पे रूठना वो बेवजह की चिल्लाहट खो गई

जीन्स में रहने वाली साड़ी पहनना सीख गई
वो चंचल सी शोखी घूंघट में कहीं खो गई

सपनो का राजकुमार, रोमांटिक राते तो मिल गई
वो बाबुल का आँगन,बेफिक्री की नींद खो गई

सब्जी भाजी का भाव करना,पैसे बचाकर घर चलना सीख गई
बेवजह के ख़र्चे, बेवजह की शॉपिंग करने वाली खो गईं

एक घर से पराई हुई और एक की अपनी हो गई
“निलेश” चीज़ें और भी बहुत मिली और बहुत सी खो गई ..!

वो ज़िस्म का भुखा मोहब्बत के लिबास में मिला था .!

वो ज़िस्म का भुखा मोहब्बत के लिबास में मिला था,
पहचानती कैसे उसे चेहरे पर चेहरा लगा कर मिला था .!

क्या पता था दर्द उम्र भर का देगा
वो दरिंदा बड़ा मासुम बन कर मिला था

पहली मुलाकत पर ही दिल में उतार गया था
वो मुझे पूरी तय़ारी के साथ मिला था

देखते देखते वो मेरा हमराज बन गया
कि हर दफा मुझे वो यकीन बन कर मिला था

माँ बाप से छुप कर उसको मिलने लगी थी
वो मुझे मेरा इश्क जो बन कर मिला था

हल्की सी मुस्कान लेकर वो मुझे छूता रहता था
वो हवसी मेरी हवस को जगाने की कोशिश करता था

वक़्त के साथ उसके इश्क का नशा मेरे सिर चढ़ने लगा था
मेरा भी ज़िस्म उसके ज़िस्म से मिलने को तरसने लगा था

मुझे इश्क के नशे में देख उसने मेरे ज़िस्म से वस्त्र को अलग किया था
जिस काम की वो तलाश में था उसे वो काम करने का मोका मिला था

टूट पडा था वो मुझ पर, हवस में दर्द की सारी हद पार कर गया था
उस रात वो पहली बार मुझे चेहरा उतार कर अपने आसली रंग में मिला था

हवस मिटा कर अपनी उसने मुझे जमीन पर गिराया था
दिल की रानी कहता था जो उसने तवायफ कह बुलाया था

मोहब्बत उसे थी ही नहीं ज़िस्म को पाने के लिए उसने नाटक किया था
मेरे प्यार मेरी मासूमियत के साथ खेल खेला था

फिर मुझे छोड कर पता नहीं कहा चला गया
मोहब्बत की आड़ में शायद किसी ओर को तवायफ बनाने गया था

कितना वक़्त गुजर गया जख्म रूह के अब भी हरे है
सोचती हु मोहब्बत के राह में क्यों इतने धोखे है
हर मोड़ पर क्यों खडे जिस्मो के आशिक है

खुद को किसी पर सोपने से पहले
थोड़ा सोच लेना…
कही वो शिकारी जिस्मो का तो नहीं
तुम थोड़ी जाच कर लेना

अब कभी खुद को तो कभी मोहब्बत तो कभी उसको कोशती रहती हु
हे किस्मत मेरे साथ तेरा क्या गिला था,
वो आखरी वार मुझे बिस्तर पर मिला था.!

#Nilesh

तेरा प्यार ( Yu badal jana )

ये कहानी मैने 2 साल पहले लिखी थी , असल में ये कोई कहानी नहीं है . ये कुछ यादे है . जो एक खास दिन मेरे साथ घटी थी . जब मैं किसी के साथ प्यार में था . जब उसने मेरे लिए पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा था . मुझे याद है मैने ये लाइन उसके याद में लिखी थी . ताकी उस दिन को मैं हमेशा अपने साथ रख सकु. ये यादे मेरे लिए बहुत खास है , और शायद ही मैं इन्हे कभी भुल पाऊ . ये कोई कबिता , शायरी , या न्जम नहीं है . शायद ये लोगो को कोई जोक लगे . पर ये लाइन मेरे दिल को बहुत आजीज है. मैं जब भी इनको पड़ता हु , एक अलग ही अहसाश होता है . मुझे ऐसा lgta है. जैसे फिर से सब मेरे सामने हो रहा है. और मैं चुप चाप बैठा देख रहा हु. इनको पढते वक्त मेरे आँखो में आसु और चहरे pr मुस्कां अा जाती है. ये अजीब सी फीलिंग है. जो मैं शब्दों में बायां नहीं कर सकता . पर अब मैं इन्हे आप सबको बातना चाहता हु. ताकी मेरी ज़िन्दगी का आखरी वक्त हो मरने से पहले एक बार किसी से पढवा कर , सून कर उस दिन को एक बार फिर से जीना चाहता हु..

कहानी .
बात ज्यादा पुरानी नहीं है.. साल – 2015 , Date – 30 October , दिन – Friday . ( करवा चौथ का दिन )
कल करवा चौथ की रात थी. कल मेरी जान ने मेरी लम्बी उम्र की दुआ के लिए कठिन करवा चौथ का व्रत उठाया था . ये सून कर मेरा दिल ख़ुशी से भर आया था. आज मैने उससे कहा मेरी जान मेरी लम्बी उम्र तेरी सेहत से ज्यादा ज़रूरी नहीं है . तो उसने कहा ज्यादा बकवास मत कर , कल का दिन भुखे प्यासे बड़ी मुश्किल से बिताया था . कल रात उसने मुझसे कहा जानु व्रत खोलने का कोई तारिका तो bta दो . मैने kha मैं क्या करू मेरी जान तू रहती इतनी दूर है. मैं कैसे अौ तेरे पास तू ही समझा दे. उसने मुझसे kha जानु मैं तुम्हे बिना देखे व्रत नहीं खोल सकती , ये रीवाज है इस व्रत का .. तुम समझो मेरी मजबूरी को , मैं इससे पाक रिवाज को नहीं तोर सकती . मैने कहा खाना कहा लो मेरी जान, मेरा भी भुख से bura हाल है , मैने भी तेरे लिए पूरे दिन से भुखा प्यासा हु .
आज खेलने गया था मैं Cricket मैच , भुख के मारे मेरे हाथ भी नहीं उठ रहा था. बस कुछ ही बौल मारी थी. किसी तरह दोस्तों से बहुत तेज सर दर्द का बहाना बना कर घर आया था. मैने तेरे लिए व्रत रखा है, ये शर्म के मारे उन्हे bta भी नहीं सकता था.

मैने कहा तु चिंता न कर मेरी जान , मैं अभी Latest Photo Facebook पे Upload करता हु. उसे देख कर अपना व्रत खोल ले. मैं तुमसे तहे दिल से फरियाद करता हु..
उसने कहा ठीक है. जल्दी कर मैं Photo Upload होने का इंतेजार कर रही हु. तब तक सून लो मेरे जानु मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु. अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती हु..

मैने photo upload कर दी. उसने फोटो देख कर अपना व्रत खोल लिया , व्रत खोलने की खबर सून कर मैने नहीं एक ग्लास पानी पी लिया .
उसने मुझसे कहा , कहा निकल लिए ज़नाब कोई Gift तो दिया ही नहीं. मैने कहा जान मैं तुम्हे फुल ही दे सकता हु. इस समय मेरे पास पैसे की बहुत कमी है. मैने कहा मेरे साथ आपके ज़िन्दगी में अंधेरे ही अंधेरे है. जबकी तुम्हारे पास पेहले से ही रोशनी है.. उसने मुझसे कहा जानु ये फुल नहीं हमारे मोहब्बत की चिराग है . और रहा सवाल पैसे का तो तेरा साथ hi मेरे लिए काफी है. अब और कुछ मत कहना . बस तु मेरे हो..
मैने कहा कसम खाता हु मैं आज अपने मोहब्बत की मैं तेरे काबिल खुद को बनाऊंगा .
I Love You .. Meri Jaan..

ये कहानी थी 2015 की .. वक्त के साथ बहुत कुछ बदले ज़िनहे न बादलना चाहिए ओ भी बदले , क्यु बदले पता नहीं .

फिर एक Time आया 22 February – 2016 din – Monday .
और फिर ओ प्यारी बाते सिर्फ बाते रह गई . इस दिन के बाद मेरी जान का मैं जानु अब जानु न रहा . इस दिन क्या हुआ ओ तो मैं नहीं बता सकता .. बस इतना कहूँगा मेरी जान ने इस दिन ही मुझे आखरी प्यार भरा Call किया था . कुछ बाते हुई थी.. उनके साथ जो हमे ओ बाताना नहीं चाहती थी…
और फिर आखरी शब्द ,

I Love You. Jaanu.
मैं तुमसे हमेशा प्यार करती हु. और करती रहुंगी चाहे मैं jha भी रहु .

और मैं चुप चाप शुनता रहा. . मैं उन्हे ठीक से I Love You To Jaan भी न बोल पाया ..

और बस यही है..

Nilesh

mai bhi jala tha.. unke Sang

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Mai Bhi utna hi jala tha. ( Hindi shayri )

मैं भी उतना ही जला था उसके संग …… जितना कि वो ,
मगर फिर भी वो जाते-जाते मुझ पर ……… खुदगर्ज़ी की तोहमत लगा गयी ।

मैं भी उतना ही तड़पा था उसके संग …… जितना कि वो ,
और वो मुझे उस तड़प की ……. कोई और वजह बता गयी।

यूँ तो उसने और मैंने कसमें खाई थीं ………. साथ चलने की ,
जिसमे ना कोई वादे थे और ना कोई रस्में …… साथ जीने-मरने की ।

मैं भी उतना ही संभला था उसके संग …… जितना कि वो ,
मगर वो मेहरबाँ मुझे मेरे बहने की ……… एक नई वजह बता गयी ।

साथ उसका और मेरा कुछ पलों का ही सही ……… तो क्या ,
हर उस साथ में मैंने अपने फ़लसफ़े का ………. इनाम पाया था ।

मैं भी उतना ही गिरा था उसके संग …… जितना कि वो ,
और वो हर बार मेरे गिरने पर ……. अपनी जीत का जश्न मना गयी ।

अफसानों को बनते हुए कई साल लग गए ………. ओ साथी ,
मगर हर साल मेरे हर एक अंग का …… वो भरपूर लुफ्त उठा गयी ।

मैं भी उतना ही छिपा रहा था उस लुत्फ़ से …… जितना कि वो ,
मगर वो मुझे उस लुत्फ़ के मयकदे का ……… एक साक़ी बना गयी ।

जवाँ वो भी थी , जवाँ मैं भी था ……… मगर उस जवानी की कसक कुछ और थी ,
इसीलिए वो मेरी जवानी पर अपनी तड़प लुटा ………. मुझे और ज्यादा जवाँ बना गयी ।

मैं भी उतना ही लुटा था उसके संग …… जितना कि वो ,
मगर वो मेरे लुटने पर ……. मज़े लेने का एक नया विशेषण लगा गयी ।

दिल~ए ~ बर्बादी का नया शौक़ ………. मैंने पाल कर कुछ गुनाह ना किया ,
वो हर बार मेरे बर्बाद दिल को …… आबाद करके कसम निभा गयी ।

मैं भी उतना ही जगी थी उसके संग …… जितना कि वो ,
मगर वो हर बार मेरे जगने पर ……. एक हवस का तमगा लगा गयी ।

मैं भी उतना ही जला था उसके संग …… जितना कि वो ,
मगर फिर भी वो जाते-जाते मुझ पर ……… खुदगर्ज़ी की तोहमत लगा गयी ।

Ek Year Bad Dekha Tha Unko ( Hindi Shayri )

1 year bad kal dekha tha unko sayad.
Khuda ki inayat thi.
Or To or ( pahli bar aisa hua tha ki o mere pass se Gujar gai. Or mujhe pta tak nhi chala. Phir mere ek dost ne mujhe bataya ki O yaha se abhi gai hai. )
Sayad unhone mujhe dekha hoga.. ya nhi ye confirm nhi hu.
Kyoki mai tej raftar se ja raha tha.. phir maine bike ghumaya , or back gya. Ab jo hua O suniye ,
Pta nhi kyu O bhi thore dur aage Jakar lout gai. O mujhe dekh kar lauti ya kuchh or wjh se pta nhi.
But unka Lout ke aana mujhe tirchhi Nazar se dekhna.. or mera unse nazar milana..
Meri Eid to usi wakt ho gai..
Kya Lg rhi thi. O
Jaise ki.

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तुम्हारी खूबसूरती की दिन रात तारीफ करता हूँ में….
तुम्हारी तस्वीर लेकर यूँ ही हमेशा देखा करता हूँ में..
क्या करू में..इतनी खूबसूरत जो हो तुम…
जन्नत से आई कोई परी हो तुम…!!!

तुम्हारी ये नशीली आँखें…और उनमे वो गहरे काजल..
उन्हे और भी खूबसूरत बनाती है..
उनमे और भी नशा जगाती है..!!

तुम्हारी ये प्यारे होंठ…और उनमे वो गुलाबी रंग….
छूने को मन करता है..
उनसे बातें करने को दिल करता है..

तुम्हारी ये घने घने ज़ूलफे…और उनमे वो रेशम सा रंग…
उनमे खो जाने को दिल करता है….उसमे सिमट जाने को दिल करता है..!!!

इतनी खूबसूरत हो तुम….औरो से बिल्कुल अलग हो तुम….आँखों की जन्नत हो तुम…
जन्नत से आई कोई पारी हो तुम..

Nilesh

Motivational Quotes

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Bahut yaad aata hai , o garmi ki shame. ( Hindi Shayari)

Bahut yaad aata hai , o garmi ki shame.
Tera o Apne Chhat pe Aake baithna Or mera kahi dur se per ke pichhe se tujhe chhup kar dekhna.
Bahut Yaad aata hai .

Ab to bahut Din ho gye , tere ghar ke trf gye huye -2
Or kya Batau Sanam Ab to khuda bhi chahta hai ki mai tujhe n dekhu…..
Kyonki
Mujhe chhod mere , mere sab Dost ko dikhti ho tum.
Jab se Suna hai , maine tum Yaha Aai hui ho,tab se Sachi……..
(idhar thora Busy to rhta hu ) par phir bhi Har Sham tere ghar ke aage wale Chowk pe tera intezar karta hu. { sayad hi kahi Dikh jao )
Khair Chhodo.
Ab to Shayad tum mujhe bhul hi gai hogi.
Par Mai aaj bhi tujhe bahut yaad karta hu..
Miss You… Jaan 😍😘😫

Ye sab Chhodiye Aap suniye ek Shayri.

लोग जिसे शायरी या मजाक समझ रहे हैं…??
मेरे हर लफ़्ज में…..मेरी इक कहानी है…!!

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Friend and Love ke Bich

Bhahut yaad aata hai ( Hindi Shayari)

Bhahut yaad aata hai,
wo tera muskurana,muskurake yun palken jhukaana,
Fir ek aada se yun sharma jana.
Bhahut yaad aata hai,
Baat karte huae tera hansna or bas haste chale jana,
Mere dil ko bada sakun deta tha tera yun baaten karte chale jana,
Bhahut yaad aata hai,
Tere aane se pehle he ho jata tha ehsaas tere aane ka,
Fir samne aate he tera wo mujse najren milana,
Bhahut yaad aata hai,
Jab bhi dekhti thi tu yun mud mud k mujhe,
Meri khusi ka rehta nahin tha koi dhikana,
Bhahut yaad aata hai,
Wo tera baaaten kisi or se karte huae ishaara mujhe kar jaana,
Yun mujhe baar baar dekh k tere wo mujhe tadpana,
Bhahut yaad aata hai,
Tere jaane k waqt tera wo mayus ho kar mujse kuch keh jana,
Or mera haste huae tujhe bye kehna fir najren ek tak khidki pe lagana,
Bhahut yaad aata hai,
Kabhi agar mein na milun din bhar k intezar k baad tujhe,
To Agle din tera wo isharon isharon mein aapne gusse ka ehsaas karwana,
Bhahut yaad aata hai,
Tere pichhe aana or tera sadak par chalte huae mujhe dekh kar yun ruk jana,
Fir saath chalte chalte baaten karte huae tujhe ghar tak chood k aana,
Bhahut yaad aata hai.

#Nilesh

GTA 5 का लेटेस्‍ट वर्जन

अगर आप वीडियो गेम के शौकीन हैं, तो GTA 5 आपके लिये है सबसे बेस्‍ट. Grand Theft Auto 5 ने अपने गेम को नये अवतार में उतारा है, जिसमें कि आपको अलग और कुछ बेहतरीन एक्‍सपीरियंस मिलेगा.

GTA 5 का लेटेस्‍ट वर्जन
GTA 5 ने अपने इस लेटेस्‍ट वर्जन को ईस्‍टर एग नाम से लॉन्‍च किया है. गेम के इस नये वर्जन को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि यह बच्‍चों के साथ-साथ बड़ों को भी शानदार एक्‍सपीरिंयस देगी. हालांकि जब कोई प्‍लेयर इस गेम को खेलेगा तो इसके कंट्रोल के लिये उसे ओपन वर्ल्‍ड सेटिंग में जाना पड़ेगा.

Xbox One और PS4 का डेब्‍यू
वीडियो गेम की फील्‍ड में अपनी नई पहचान बनाने के लिये गेम प्‍लेयिंग डिवाइस Xbox One और PS4 का यह डेब्‍यू है. इसके जरिये प्‍लेयर को विजुअल और ऑडियो का इंप्रूव्‍ड वर्जन मिलेगा. आपको बताते चलें कि Xbox One और PS4 ऐसी डिवाइस हैं, जिसकी मदद से प्‍लेयर किसी गेम को खेल सकते हैं. इसकें अलावा अब अगर GTA 5 के लेटेस्‍ट वर्जन पर गौर करें तो इसमें आपको टोटल 27 एनीमल्‍स का ऑप्‍शन मिलेगा. इसकी बदौलत आप इनमें से किसी भी एनीमल पर ट्रांसफार्म कर सकते हैं. फिलहाल यह लेटेस्‍ट वर्जन सभी यूजर्स के लिये जरूरी नहीं है, आप अगर चाहते हैं, तो आप इसे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं.