प्रेम और युद्ध ।

प्रेम
युद्ध से ज्यादा
भयावह होता है,
क्योंकि इसे करने
आप किसी और
को नहीं भेज सकते।

इसलिए समाज प्रेम से डरता है।
इसलिए समाज में
बस युद्ध का उन्माद होता है
युद्ध खुले मैदान होता है।

और होठ चूमने की खातिर
कमरे के दरवाजे लगाने पड़ते हैं।😘

✍️…Nilesh

एक दूसरे के लिए जीना ।

मैंने नहीं देखा है कभी पापा को
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए

और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए

लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए

और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है .!