प्रेम और पसंद

एक दूसरे के लिए जीना ।

मैंने नहीं देखा है कभी पापा को
माँ के लिए गिफ्ट खरीदते देते हुए

और न ही
गुलाब के फूल को
माँ के बालों में सहेजते हुए

लेकिन मैंने देखा है पापा को
किचन में रोटियाँ बनाते हुए
और माँ की परवाह करते हुए

और मैंने जाना है
प्रेम की पूर्णता जताने से नहीं
बल्कि एक-दूसरे के लिए जीने से होती है .!

दोस्ती और प्यार

ऐसा अक्सर होता है कि पहले मुलाकात होती है फिर दोस्ती फिर बहुत अच्छी दोस्ती और धीरे धीरे हम उसकी फिक्र करने लगते हैं । और फिर हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारी दोस्ती प्यार में बदल जाती है । और एक दिन हम जब उन्हें ये बात बताते है तो हमारी दोस्ती पर आ बनती है । और ये बात भी सत्य है कि दोस्ती के बाद प्यार तो संभव है , पर प्यार के बाद दोस्ती असंभव । तो इसलिए अगर इश्क करते हो तो बस खामोश रहना नहीं तो दोस्ती से भी हाथ धो बैठोगे ।
क्या आपके साथ हुआ है कभी ऐसा मुझे बताना जरूर।

हाल कैसा हैं ।

हाल कैसा हैं ।

आओ बैठो पास तो बताऊं , हाल कैसा है ..
दूर से पूछोगे तो अच्छा ही कहूंगा ..
ख़ैर छोड़ो ..
पास आने में तकलीफ़ हैं ..
तो कभी टाइम निकाल वक्त पे रिप्लाई करो तो बताऊं हाल कैसा है ।
यू तो कइयो ने दिल दुखाया है मेरा ,
पर कभी फुरसत में वक्त मिले तो पूछना तब बताऊं हाल कैसा है ।
दूर से पूछोगे तो अच्छा ही कहूंगा ।

मैं मैसेज करू घंटो रिप्लाई न आये
जब रिप्लाई आए तो , क्या बताऊँ हाल कैसा है ।
कभी पास बैठो तो बताऊं हाल कैसा है ।

जब पूछो बोलती हो इंस्टाग्राम ओपन नही की थीं ,
तो यू फेसबुक पे किसी और की फ़ोटो लाइक न करो तो बताऊं हाल कैसा है।

यूं तो कइयो बहाने है मेरे पास भी ,
कभी सिर्फ़ मेरे लिए ही इंस्टाग्राम ओपन करो तो बताऊं हाल कैसा है ।😊