कैसे बताएं क्यू तुझको चाहें ।

Kuch baatain na , batai nahi ja sakti,

Jaise kyu chaand khoobsurat lagta hai,
Kyu baarish mai bheengte hai,
Kyu CCD ki coffee nahi,
Log Tapri ki chai se ishq karte hai.

Aise hi mai bhi nahi bata sakta,
Ki kyu mai tumhe chahta hoon,
Haan bas etna pata hai,
Sirf tumhe hi chahta hoon.

Yu toh tum puchoge mujhse,
Saayad mai khulke bol bhi na paunga,
Par sunno na yaar mai aur kisi se nahi,
Bas tumse hi Ishq manaunga.

Milke bhi tumse kuch baatain rah jayengi,
Unn baton ko karne k liye,
Fir milna padega,
Tum zulfain girne dena chehre par,
Sawaar mujhe diye karna.

Chahe kyu tujhko, ye sawaal hi kuch aisa hi hai, mai likh du javaab,
Toh padne wale ko Ishq Ho jaayega,
Tumse nahi mujhse..

Tumse chahat uss chaand ki tarah hai,
Jiski chaandi ke saaye mai,
Ashmaan chamakta hai,
Kuch aise hi tujhse Ishq karne par ye mera dil dhadkta hai.

Meri najron se dekhoge khud ko toh khoobsurat hi najar aaoge,
Khud ko padhne ki kosis karo mere lafzon se, Aur fir aaine mai dekhkar khud ko tum bewajah hi sharmaaoge.

Teri palkon ko choomu aisa sawera ho jaaye, Aur teri baahon mai sar rakhke so jaun,
Aisi raat ho jaaye.
Mujhe toh chaahat hai tujhse beintehaan,
Bas teri bhi kisi din Haan ho jaaye.

Baaki jo baatain hai tumhe fursat mai bataainge,
Tum Milo ek pal bas,
Tumse Ishq toh hum har pal hi nibhaainge.
#Nilesh..

मुझे बस तू चाहिए ।

Mere dil me jo tere liye hai,
Tere dil me bhi vo ehsaas chaahiye.
Kuchh Pal ka nahi,
Mujhe har pal karne vaala Ishq chahiye.

Kullad me milne vaali chai jaisa,
Kisi Mandir me maatha tekne jaisa,
Kisi masjid mai dua karne jaisaa , sukoon chahiye.
Mujhe aur kuchh nahi bas tu chahiye,

Tu aaj bhi, aur kal bhi chahiye,
Mujhe tu bas tu chaaiye,

Mujhe har dafa har dam bas tu chahiye.
Na koi aur , na koi tere jaisa,
Na tujhse kam na tujhse accha chahiye,
Tum Jaisi ho mujhe vaisi hi chahiye,
Jayada kuchh nahi mujhe bas tu chahiye.

Mujhe tera roothna aur mera manana chahiye, Mujhe teri bikhri zulfain aur mera sawaarna chahiye,
Mujhe tere hothon ko choomna hi bas nahi,
Teri rooh tak me mera ashq chahiye,
Kuchh iss tarah bepanaah hoke mujhe bas tu chahiye.

Har suraj ki kiran me tu chahiye,
Har raat me tu chahiye,
Mai kholu jab bhi palkain apni,
Ya fir band karu palkain apni,
Mujhe apne sath bas tu chahiye.

Tu rab hai agar toh mujhe vo rab chahiye,
Tu aag me toh mujhe vo aag chahiye,
Jo kisi ki na ho bas meri ho,
Mujhe kuch es tarah tu chahiye.

Na heer Ranjha jaisa, na Laila Majnu jaisa, Mujhe bas tere mere jaisa pyar chahiye,
Jo mere naam se aaye,
Mujhe tere chehre par bas vo ek muskaan chahiye.

Mujhe apni har likhi shayariyo mai tera hi Noor chahiye,
Mujhe na tujhse koi shart na riwaayat chalaiye, Tu Jaisi hai meri hai, Mujhe bas tu chahiye..

Jiske godi mai sar rakhke mai ro saku,
Jisse din raat mai dil ka haal keh saku,
Jisko khone ka dar nahi jo na kabhi jaaye, Mujhe aisa koi tu chahiye.

Jiske pyar ki deewangi mai dooba ja sake,
Mujhe vaisa tu chaiye,
Jisko mai kabhi khoun na,
Humesa bas paaun mujhe bas vaisa tu chahiye.
#Nilesh.

इश्क़ है , बस बेइंतहा इश्क़ है..

उसकी “typing…” पर, खुशी से काँपती मेरी उँगलियाँ.. इश्क़ है,

उसकी “New profile pic” को मिनटों तक एकटक झाँकती पलकों की पंखुड़ियाँ.. इश्क़ है,

गुफ्तगू करने की अनगिनत ख्वाहिशों के बीच,

“online” होकर भी चीखती खामोशियाँ.. इश्क़ है..

जरा सी आहट पे, फोन पकड़ कर बैठ जाना, वो “notification” की टनटनाती घंटियां.. इश्क़ है..

कैसे हो? पूछने पर.. “iam fine” बताना लिख कर मिटाना, मिटा कर छिपाना, वो “draft” में बेबस पड़ी अनकही अर्जियाँ.. इश्क़ है..

उसका नाम सुन कर धड़कनों का बढ़ जाना,

और उसका नाम सुना कर दोस्तों की मन-मर्जियाँ.. इश्क़ है..

अनंत तक चलने वाली “convo” में..

“Hmm” और “Hanji” की तल्खियाँ.. इश्क़ है..

“Call” आने पे बावला हो जाना,

अलाना.. फलाना.. बतियाना दिल ही दिल में खिलखिलाना, वो बच्चों सी खुशियों वाली किलकारियाँ.. इश्क़ है..

हर रोज मुलाकात के लिए पूछना,

ना मिल पाने पर दिल ही दिल रो लेना और उसको महसूस तक ना होने देना… इश्क़ है..

मशरुफ़ियत कितनी भी भारी पड़े कैफ़ियत पूछने पर, बस इक बार “Last seen” देखने वाली बेचैनियाँ.. इश्क़ है..

सुबह सबसे पहले उठकर ” call log ” में उसका “call ” देखना….”इश्क” है..

हर सुबह की ” राधे राधे ” और देर रात की “Good Night ” इश्क़ है…

“इश्क़ है”, बस बेइंतहा इश्क़ है..

#Nilesh

मंदिर की वो घंटी ।

मुझे शोरगुल पसंद नहीं है, भीड़ भाड़ वाले इलाके पसंद नही है , जिस स्थान पे ज्यादा आवाज हो रही होती हैं, वो जगह मुझे अच्छी नहीं लगती, शोर शराबा मुझमें चिरचिरा-पन लाता है, मुझे गुस्सा आता हैं, पर आज कुछ अजीब सा हुआ, मन कल बीते रात से ही बहुत विचलित है, दिमाग मे जैसे सैकड़ों सवाल एक साथ कौध रहे हों, रात काफ़ी हो चुकी थी, नींद भी आ रही थी, पर सो नही पा रहा था, बिस्तर जैसे कटने को दौड़ रहा हो, यूंही करवट बदलते – बदलते , बहुत वक्त बाद नींद आई । जब सुबह उठा मन उसी प्रकार बहुत विचलित था, मन पे खुद का कंट्रोल करने की पूरी कोशिश कर ली , योग किया, गाने सुने, घर से बाहर निकल कुछ दोस्तों से बात की , फिर भी कुछ सही नहीं लग रहा था । आज सोमवार है, आज मेरे भोलेनाथ का दिन हैं, प्रत्येक सोमवार मैं अपने घर के किसी पास के मंदिर जाता हूं, हर बार की तरह आज भी मुझे जाना था, तो मैंने सोचा नहा कर देखता हु, शायद मन कुछ शांत हो, कुछ अच्छा फील हो, नहाने के बाद भी खुद का मन पे कंट्रोल नहीं था, तो मैंने मंदिर जाना ही उचित समझा, बाइक लेकर मैं मंदिर की तरफ़ निकल पड़ा, जब मंदिर पहुंचा तो आज वहा आरती हो रही थी, मैं भी हाथ जोड़ के खड़ा हो गया और आरती करने लगा, आरती के साथ साथ ही, मंदिर में लगी घंटी को कुछ लोग बजा रहे थे, जो बहुत ही ज्यादा आवाज कर रही थी, वो इतना ज्यादा आवाज था की आम दिनों में मैं उसे सुनता तो मुझे सर दर्द होता , मैं वाहा से चले जाना उचित समझाता , पर आज वो आवाज ( घंटी की ) मुझे बहुत ही अच्छी लग रही थी, मेरे दिमाग में चल रहीं बातो को वो खंडित कर रही थी, मेरा मन जो बहुत विचलित था, जिस पे मैं कई सारे कोशिसो के बाद भी काबू नहीं रख पा रहा था, उस आवाज को सुनने के बाद मुझे सुकून मिल रहा था, जैसे मेरे कानों से स्वयं महादेव कुछ कह रहे हो, जिसे मैं समझ नही पा रहा था, आंखे मेरी बंद थी, हाथ जोड़ मैं खड़ा आरती को गा रहा था, आंखें खोलने की कोशिश तो मैंने बहुत की पर हर बार वो घंटी की आवाज़ जो मेरे कानों से होते हुए मेरे विचलित मन को सुकून दे रही थी, मैने उसी अवस्था में जब तक वो घंटी बजती रही, मैं आंखें बन्द कर सुनता रहा, ऐसा लगभग 15 min से ज्यादा वक्त तक हुआ, फिर मैंने हर सोमवार की तरह पूजा की और घर आ गया । मन रात की अपेक्षा बहुत अधिक शांत हैं , अच्छा फील कर रहा हु, और एक बात हैं जब मैं इसे अभी लिख रहा हु, पहले की अपेक्षा अधिक सुकून महसूस कर रहा हु । हर हर महादेव 🙏

राधे राधे ❤️