Roadside ROWDY movie review hindi

Movie :- RoadSide ROWDY .
starring Vijay Antony.
:- Love , Action, thriller

Masterpiece #Oscar-winning

कुछ मूवी अनरेटेड होती हैं, क्युकी उनके स्टार कास्ट कोई फेमस हीरो नहीं होते , पर वो मूवी Masterpiece होती हैं, जिन्हे उनकी स्टोरी के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिए ।
इस मूवी के लिए मैं बस इतना कहूंगा मैं इसे 20 बार से ज्यादा देख चुका हूं , वो भी फूल मूवी , और बीच बीच से तो मैं बता भी नही सकता कितनी बार देख चुका होऊंगा, क्योंकि ये मूवी सप्ताह में 1,2 दिन Z cinema पर दे ही देता हैं ,

इस मूवी पे मैं अपना व्यू रखु तो बस इतना कहूंगा एक बार देखो, बिना किसी उम्मीद के देखो, मूवी जैसे ही कुछ मिनट क्रॉस करेगी आप का जुड़ाव मूवी के साथ हो जायेगा, आप इस मूवी के कैरेक्टर से जुड़ जाओगे , और फिर मूवी तो मूवी हैं। बस देखो ,

मुझे ऐसा लगता हैं जो इस मूवी को एक बार देख ले उसका नज़रिया बदल जायेगा,
इस मूवी में सिर्फ लव नहीं है, एक बहुत बड़ी मैसेज है, ज़िंदिगी आख़िर हैं क्या ,
किस वक्त क्या हो जाए, कब राजा कब रंक ।

Story:- इस मूवी की कहानी को ज्यादा नहीं लिखूंगा , बस इतना ही एक बहुत बड़ा बिज़नेसमैन कैसे भिखारी बनता हैं, पूरी कहानी इसी से जुड़ी हुई है,
वो भिखारी क्यू बनता है, क्या मजबूरी रही होगी,
एक इंसान के ज़िंदगी में पैसा कितना इंपोर्टेंट रखता हैं,

एक इंसान का उसके मां के लिए प्यार, एक मज़दूर का मालिक के लिए प्यार, एक साथी का अपने साथी के लिए प्यार, एक गरीब का दूसरे गरीब के लिए प्यार, छोटी छोटी चीजें मिलकर कैसे बड़े बड़े चीजों का सामना कर सकता हैं,
भगवान के प्रति प्यार, उनके प्रति समर्पण ,

एक प्यार कैसे बदलता है, कैसे वो आपको अपनाता हैं ।

इसी तरह ऐसी बहुत ही घटनाओं को एक साथ सही रूप से सही तरीके से मिलाकर एक मूवी बनाई हैं जो masterpiece हैं,

इसे Youtub से हटा दिया गया है, पता नहीं रीज़न क्या हैं ,
पर इसे आप कही से download कर देख सकते है, ।

Nilesh

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अमीर मीनाई के प्रसिद्ध शेर

परिचय

दबिस्तान-ए-लखनऊ के बाहरी और दबिस्तान-ए-दिल्ली के अंतः का सुंदर समन्वय पेश करने वाले अमीर मीनाई वो क़ादिर-उल-कलाम शायर थे जिन्होंने अपने ज़माने में और उसके बाद भी अपनी शायरी का लोहा मनवाया। अमीर के कलाम में ज़बरदस्त भिन्नता और रंगारंगी है जो उनके दादा उस्ताद मुसहफ़ी की याद दिलाती है। अमीर, मुसहफ़ी के शागिर्द, असीर लखनवी के शागिर्द थे। अमीर के मिज़ाज में मुख़्तलिफ़, बल्कि विरोधाभासी मिथकों को संश्लेषित करने की असाधारण क्षमता थी। परहेज़गारी व भय से मुक्ति, प्रेमिका से दिललगी के साथ इश्क़-ए-हक़ीक़ी और जलने पिघलने के साथ मस्ती व ख़ुशी की तरंगों को उन्होंने इंतिहाई ख़ूबी से अपनी ग़ज़ल में समोया है। उनकी शायरी में अगर एक तरफ़ उस्तादी नज़र आती है तो साथ साथ सच्ची शायरी के नमूने भी मिलते हैं। अमीर मीनाई की ग़ज़ल मुख़्तलिफ़ रंगों और ख़ुशबुओं के फूलों का एक हसीन गुलदस्ता है। हम उनकी शायरी की व्याख्या सौंदर्य का जादू से करसकते हैं।

शायरी

ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम ‘अमीर’
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है

कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं
नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है

तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है

वस्ल का दिन और इतना मुख़्तसर
दिन गिने जाते थे इस दिन के लिए

उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा हो
हर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो

गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है ‘अमीर’
क़द्र खो देता है हर रोज़ का आना जाना


ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम ‘अमीर’
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है


कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं
शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर

आफ़त तो है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन
मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है

तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा कर
सरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर

हुए नामवर बे-निशाँ कैसे कैसे
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे कैसे

हँस के फ़रमाते हैं वो देख के हालत मेरी
क्यूँ तुम आसान समझते थे मोहब्बत मेरी

अभी आए अभी जाते हो जल्दी क्या है दम ले लो
न छेड़ूँगा मैं जैसी चाहे तुम मुझ से क़सम ले लो

माँग लूँ तुझ से तुझी को कि सभी कुछ मिल जाए
सौ सवालों से यही एक सवाल अच्छा है



आँखें दिखलाते हो जोबन तो दिखाओ साहब
वो अलग बाँध के रक्खा है जो माल अच्छा है


‘अमीर’ अब हिचकियाँ आने लगी हैं
कहीं मैं याद फ़रमाया गया हूँ


फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा
कभी तकिया इधर रक्खा कभी तकिया उधर रक्खा


किसी रईस की महफ़िल का ज़िक्र ही क्या है
ख़ुदा के घर भी न जाएँगे बिन बुलाए हुए

जो चाहिए सो माँगिये अल्लाह से ‘अमीर’
उस दर पे आबरू नहीं जाती सवाल से

हटाओ आइना उम्मीद-वार हम भी हैं
तुम्हारे देखने वालों में यार हम भी हैं

जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा
हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता


कौन उठाएगा तुम्हारी ये जफ़ा मेरे बाद
याद आएगी बहुत मेरी वफ़ा मेरे बाद

अल्लाह-रे सादगी नहीं इतनी उन्हें ख़बर
मय्यत पे आ के पूछते हैं इन को क्या हु

फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उस ने कर लिया
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतिज़ार का


वो दुश्मनी से देखते हैं देखते तो हैं
मैं शाद हूँ कि हूँ तो किसी की निगाह में


मानी हैं मैं ने सैकड़ों बातें तमाम उम्र
आज आप एक बात मेरी मान जाइए

तीर पर तीर लगाओ तुम्हें डर किस का है
सीना किस का है मिरी जान जिगर किस का है

सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता
निकलता आ रहा है आफ़्ताब आहिस्ता आहिस्ता


बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए
दी जान हम ने चश्मा-ए-आब-ए-हयात पर

बाद मरने के भी छोड़ी न रिफ़ाक़त मेरी
मेरी तुर्बत से लगी बैठी है हसरत मेरी

मुश्किल बहुत पड़ेगी बराबर की चोट है
आईना देखिएगा ज़रा देख-भाल के


आहों से सोज़-ए-इश्क़ मिटाया न जाएगा
फूँकों से ये चराग़ बुझाया न जाएगा


शाएर को मस्त करती है तारीफ़-ए-शेर ‘अमीर’
सौ बोतलों का नश्शा है इस वाह वाह में


ख़ुदा ने नेक सूरत दी तो सीखो नेक बातें भी
बुरे होते हो अच्छे हो के ये क्या बद-ज़बानी है

आया न एक बार अयादत को तू मसीह
सौ बार मैं फ़रेब से बीमार हो चुका


मिरा ख़त उस ने पढ़ा पढ़ के नामा-बर से कहा
यही जवाब है इस का कोई जवाब नहीं


उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ
ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ


सारी दुनिया के हैं वो मेरे सिवा
मैं ने दुनिया छोड़ दी जिन के लिए

शब-ए-फ़ुर्क़त का जागा हूँ फ़रिश्तो अब तो सोने दो
कभी फ़ुर्सत में कर लेना हिसाब आहिस्ता आहिस्ता


समझता हूँ सबब काफ़िर तिरे आँसू निकलने का
धुआँ लगता है आँखों में किसी के दिल के जलने का

THE GREENMILE MOVIE REVIEW , HINDI, ENGLISH

Instagram.

Movie Name :- The Green Mile
Rating :- 8.6 / 10 .
Crime , Drama, Fantasy

इस मूवी के रिव्यू में बस इतना कहना चाहूंगा,
ये Masterpiece हैं,
मैने कुछ फोटोज डाली है, जो YouTub से ली गई हैं,
Youtub पे इस मूवी का ट्रेलर उपलब्ध हैं, उस ट्रेलर पे किए कॉमेंट्स का मैंने स्क्रीनशॉट अपलोड किया है ।
आप उसे देख डिसाइड कर सकते है, मूवी आख़िर है कैसी ।

मूवी कुछ पुरानी है, VFX कमजोर हैं,
पर कहानी और एक्टिंग इतनी लाजवाब है की आप एक मिनट के लिए भी बोर नहीं होंगे, और आपके आंखों से आंसू रुकने का नाम नही लेंगे ।

Cast – ❤️
Tom Hanks as Paul Edgecomb

Dabbs Greer as old Paul

David Morse as Brutus “Brutal” Howell

Bonnie Hunt as Jan Edgecomb

Michael Clarke Duncan as John Coffey

James Cromwell as Hal Moores

Michael Jeter as Eduard Delacroix

Graham Greene as Arlen Bitterbuck

Doug Hutchison as Percy Wetmore

The Green mile – इस मूवी की कहानी the Green mile नाम की नोवेल पे ही आधारित हैं , जिसे 1996 में stephen king ने लिखा था ।
कहानी हैं एक इंसान की उसकी अच्छाई की ,
उसकी एक गलती की ,
उस एक गलती की वजह से उसके लाखों अच्छाई भुलाने की ।
और गलती क्या थी, कैसी थी, ये जानने के लिए मूवी देखिए ,
मूवी में फैंटेसी भी है, तो आपको कुछ जादू जैसा देखने को मिलेगा ,

मूवी की फैंटसी ये है की इसमें जो मेन कास्ट में है उसके पास शक्ति होती है, किसी के मन की बात जान लेने की, किसी की बीमारी ठीक करने की,

और भी बहुत कुछ है, जो आप मूवी देखो पता चल जायेगा ।
#Nilesh

और मूवी की रिव्यू के लिए ।👇

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