इल्म है हमें तेरी बेहतरी का पर इतने बुरे हम भी नहीं ,

ठोकर तुमने भी खाई है
पहचान कर के देखो
हम फरेबी तो नहीं ।

ये जानता हूं
रिश्ता बनाना आसान नहीं
पर राब्ता रख कर भी ना रखना
ठीक बात तो नहीं ।

कोशिश जितने हमने की है
ज़रा सोच कर देखना
एहसास हमारी तकलीफों का
होता है कि नहीं ।

मालूम है दिल में जगह देना
उतना आसान तो नहीं
पर किसी को अपनी खातिर बदलना
उसके साथ इंसाफ तो नहीं ।

इल्म है हमें तेरी बेहतरी का पर इतने बुरे हम भी नहीं ,

हमे प्रतिलिपी पे भी पढ़ सकते है

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